खोया है इस कदर की पाने से डरता हूँ
फिर ये किस्मत आज़माने से डरता हूँ
वक़्त ने यू चुप करा दिया है मुझे
गीत छोड़ गुन गुनाने से डरता हूँ
गर्दिशों से घिरा हैं आईना दिल का
मैं इसके टूट जाने से डरता हूँ
जाहिराना तू कुछ भी नहीं ज़िन्दगी में मधुकर
फिर भी तेरे रूठ जाने से डरता हूँ
लिखी है बड़ी सच्चाई से दास्तान ऐ दोस्त
हो जाऊं न बदनाम इसअफ़साने से डरता हू
नरेश 'मधुकर'
copyright 2011
फिर ये किस्मत आज़माने से डरता हूँ
वक़्त ने यू चुप करा दिया है मुझे
गीत छोड़ गुन गुनाने से डरता हूँ
गर्दिशों से घिरा हैं आईना दिल का
मैं इसके टूट जाने से डरता हूँ
जाहिराना तू कुछ भी नहीं ज़िन्दगी में मधुकर
फिर भी तेरे रूठ जाने से डरता हूँ
लिखी है बड़ी सच्चाई से दास्तान ऐ दोस्त
हो जाऊं न बदनाम इसअफ़साने से डरता हू
नरेश 'मधुकर'
copyright 2011

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