बातों में अब वो बात नहीं है
दिल की दिल से मुलाकात 'नहीं है
इतना तो बता दे ऐ रूठने वाले ,
क्या मनाने जैसे भी हालात नहीं है
रहेगा क़यामत तक ये सब्र कायम
मेरे इंतज़ार से लम्बी ये रात नहीं है
परिंदों से पूछो तो जान जाओ शायद
मस्त हवाओं की कोई ज़ात नहीं है
खामोशी का मतलब ये तो नहीं हैं
सन्नाटों के कोई जज़्बात नहीं है
नम आँखों से कहते हो,कोई बात नहीं है ...
नरेश मधुकर
copyright 2011
नरेश मधुकर
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