Wednesday, July 18, 2012

खुद को लौ सा जलाया हमने


दर्द को ऐसे सजाया हमने
खुद को लौ सा जलाया हमने 

दौरे दीवानगी से निकले तो जाना 
क्या खोया क्या कमाया हमने 

मुद्दतों बाद ये एहसास हुआ
बोझे अश्क कितना उठाया हमने 

ये किस्सा भी दफन हो मेरे संग ही 
सोचकर किसी को न बताया हमने

तेरी वफाओं का यकीन था इस क़दर
तेरी जफा को भी गले लगाया हमने

© 2012 नरेश राघानी 'मधुकर'

Monday, July 16, 2012

प्यार करके देख ...




कर सके तो किसी से प्यार करके देख 
जीना अपना फिर दुश्वार कर के देख 

बीत न जाए ये बारिशें भी बस यूँ ही 
हिम्मत कर ज़रा इज़हार कर के देख 
मिलने की कीमत अक्सर तभी समझ आती है 
ज़रा किसी का इन्तेज़ार कर के देख

माना खता खूब खाई है अपनो से 'मधुकर'
इक बार फिर जिंदगी पे ऐतबार कर के देख 


नफरतों से कोई नही जीत पाया दुनिया
मोहब्बत इक बार बेशुमार कर के देख

नरेश मधुकर

Wednesday, June 20, 2012

मोहब्बत या तन्हाई ...

दो सहेलियां थीं
मोहब्बत और तन्हाई
दोनों साथ  साथ  पली
बड़ी
और जवान हुई
दोनों सहेलियों को इक  रोज़
एक ही दिल से प्यार हो गया
जहाँ जहाँ दिल को   मोहब्बत मिलती
तन्हाई भी उसके पीछे पीछे चली आती
वो दिल बड़ा भोला और सरल था
वो दोनों के रिश्ते के बीच की कश म कश से बेखबर
बस
ख़ामोशी से सारे पल निभाता रहा

एक दिन अचानक ...
मोहब्बत उस से नाराज़ हो गयी
दिल उसे खूब मनाने लगा
वो नहीं मानी
तन्हाई ये सब खड़ी चुपके चुपके
देख रही थी
उसे बड़ा गुस्सा आ रहा था मोहब्बत पे
और बड़ी जलन भी हो रही थी
दिल की मोहब्बत के लिए तड़प देख कर
लेकिन वो खामोश खड़ी देखती रही
दिल के लाख चाहने व रोकने पर भी 
उसकी मोहब्बत उस से 
सदा सदा के लिए नाराज़ हो कर 
दूर चली गयी ...
और दिल
दिल वही हताश
टूटा हुआ
खामोश खड़ा उसे जाते हुए देखता रहा
दिल बीते लम्हों को याद कर
रोने लगा
तभी तन्हाई दबे पाँव उसके पास आयी
तन्हाई ने दिल का हाथ थामा
और जीने की हिम्मत देने लगी
उसने उसके आँसू पोछे
और उम्र भर दिल का साथ निभाने का वादा किया
शुरुआत में दिल थोडा घबराया
थोडा परेशान हुआ
पर धीरे धीरे
दिल को तन्हाई अच्छी लगने लगी
वो और उसकी तन्हाई घंटों साथ बिताने लगे
और जीवन एक बार फिर
चल पड़ा

आज कई साल बाद
उम्र के आखरी पडाव में
वही दिल सोच में पड़ गया है
और बार बार खुद से एक  ही सवाल करता है
की
आखिर
कौन बेहतर था
मोहब्बत या तन्हाई ...

नरेश 'मधुकर '

Monday, April 23, 2012

सोचिये ...


जाने ये कैसा जहां है सोचिये 
जग को जाने क्या हुआ है ,सोचिये 

सल्तनते आम  में नहीं कदर फकीरों की 
और कौन कौन कहाँ है ,सोचिये   

सुनता नहीं कोई किसी की यहाँ पर 
खामोशी का ये बयान है ,सोचिये 

कहीं तो लगी आग है इस वीरान शहर में 
जिस तरफ देखो धुआं हैं ,सोचिये 

मुफलिसों को मकबरा तक नसीब नहीं 
फिर वो आखिर क्या खुदा है ,सोचिये  

क़यामत के वक़्त तक कायम रहे सच  
अपनी तो बस इतनी दुआ है ,सोचिये 

नरेश "मधुकर"




Friday, April 13, 2012

ख्वाइश ...


जब ख्वाइश ख़्वाबों के सांचे में ढल जाती हैं
खुशनुमा जिंदगियां अक्सर बदल जाती हैं

दौड़ मोहब्बत की जीत पाना मुश्किल हैं इसमें  

हकीकत हसरत से आगे निकल जाती हैं  

ये दिलवालों का शहर है दिमागदारों हैरान मत हो
सिक्के नहीं यहाँ,प्यार की कौडियाँ भी चल जाती हैं

नहीं मुमकिन इस तपिश को थामे रखना ऐ दोस्त
ऐसी कोशिशों में अक्सर उंगलियाँ जल जाती हैं

न देखो मुड़ कर मेरी परवाह न करो 'मधुकर'

मेरी वफाएं खता खाकर अक्सर संभल जाती हैं ... 

नरेश 'मधुकर'

Monday, March 26, 2012

रास्ता और दूरी


एक था रास्ता 
और एक थी दूरी ...
दोनों बेसुध 
दोनों बेखबर
दोनों पागल 
एक दुसरे के लिए ...

वक्त की सतह पे 
दोनों साथ साथ
चलते थे ...
हँसते
खिलखिलाते 
ज़रा ज़रा सी बात पे खुश होते
एक दूजे के साथ
पल में खुश 
पल में दुखी
जग से परे 
हाथों में हाथ डाले 
गले में बाहें डाले
बस चलते रहते ...

प्यार में डूबे हुए 
दूरी रास्ते के बिन तय न हो पाती 
और
रास्ता दूरी के बिन भटक जाता 

अचानक ...
एक दिन न जाने
क्या हुआ 
सब बदल गया 
जाने 
किस की नज़र लग गयी 
दूरी बहुत आगे निकल गयी 
और रास्ता ..
रास्ता वही खड़ा देखता रहा
चाहते हुए भी उसे रोक नहीं पाया 
और वो बादलों को चीरती हुई
आँखों से ओझल हो गयी 
रास्ता अकेला पड़ गया 
और तभी से अकेला है 
आज तक 

लेकिन ...
आज भी 
उनका प्रेम अमर है
दुनिया में 
दोनों को 
एक साथ याद किया जाता है ...

नरेश मधुकर 

Wednesday, February 1, 2012

किधर जाऊं ...


तुझको ढूँढू कहाँ,मै किधर जाऊं
सोचता हूँ फिर उस ज़ालिम शहर जाऊं

आया न अब तक वो मोड़ मधुकर
लगता हो जहाँ दो पल ठहर जाऊं 

जिसे ओडे बड़ी शिद्दत से रोये हमतुम 
सोचता हूँ आज उस शजर जाऊं 

तेरे इंतज़ार में काट ली शामों सेहर 
तू न आया तो सोचता हूँ मर जाऊं 

अब तक तो कुछ दे न पाया तुझको 
खैर ये ग़ज़ल ही तेरे नाम कर जाऊं 


नरेश 'मधुकर'